• ध्वनि प्रदूषण दिन-प्रतिदिन एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है जो मानव जीवन को कई तरीकों से प्रभावित कर रहा है। वातावरण में ध्वनि प्रदूषण के उच्च और असुरक्षित स्तर का विपरीत प्रभाव मनुष्य, जीव-जन्तुओं और वनस्पति पर पड़ रहा है।
  • यह समस्या ग्रामीण क्षेत्रों की अपेक्षा शहरों में अधिक है। शिमला शहर में वाहनों की बढ़ती संख्या से तथा हार्न के अनावश्यक उपयोग से ध्वनि प्रदूषण हो रहा है। इसलिए हार्न के अनावश्यक प्रयोग से होने वाले ध्वनि प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक करने की अत्यन्त आवश्यकता है।
  • इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय सूचना केन्द्र शिमला के सहयोग से एक मोबाईल ऐप 'शोर नहीं' को विकसित किया गया है।
  • इस मोबाईल ऐप को अपने फोन पर डाउनलोड करने के पश्चात् कोई भी व्यक्ति, ओ.टी.पी. आधारित पंजीकरण करने के पश्चात्, ध्वनि प्रदूषण होने की स्थिति में इसकी रिकार्डिंग कर सकता है तथा उस कार्यकलाप जिससे ध्वनि प्रदूषण हो रहा है उसकी तस्वीर भी ले सकता है।
  • यह मोबाईल ऐप ध्वनि प्रदूषण वाले स्थान की रिकार्डिंग एवं फोटो के साथ-साथ वहां की भूगोलिक स्थिति को भी रिकार्ड करने की क्षमता रखता है जिसे बाद में हिमाचल के मानचित्र पर दर्शाया जा सकता है जिससे उस स्थान को चिन्हित करने एवं उसका त्वरित निपटान करने में सहयाता मिलेगी।
  • शिकायतकर्ता द्वारा इस मोबाईल ऐप की सहायता से ध्वनि प्रदूषण की सम्पूर्ण जानकारी को सम्बन्धित विभाग को भेजने के पश्चात्, सम्बन्धित विभागाधिकारी को शिकायत का निपटान तुरन्त करने की सुविधा मिलेगी।

 

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मोबाईल ऐप डाउनलोड करने के लिए दिए गए मोबाईल पर क्लिक करें अथवा गूगल प्ले स्टोर के माध्यम से भी इस ऐप को डाउनलोड किया जा सकता है।

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